Tuesday, 13 September 2016

सत्यार्थ प्रकाश या अज्ञानता का प्रकाश -  

सत्यार्थ प्रकाश या अज्ञानता का प्रकाश -  

:D

ना ज्ञान ना विज्ञान सिर्फ अज्ञान ही अज्ञान है गालिब

सत्यार्थ प्रकाश में स्वामी जी
एकादश समुल्लास में एक प्रश्न का उतर दे रहे हैं

प्रश्न ये है के ये जो आकाश में नीला रंग दिखाई
देता है वो क्या है ? क्या ये पदार्थ है ???

स्वामी जी उत्तर देते है के ये जो नीला आकाश
दिखाई दे रहा है वो असल में पृथ्वी से उड़ा हुआ
जल है !! जो दूर दूर तक नीला तम्बू(आकाश) देखी
देता है वो जल चक्र है !!!

:D 

आर्य समाज मानता है के ये जो नीला आकाश है
वो जल है ,अर्थात ये जो आकाश का नीला रंग है
जल के कारण है ...

:D 

सवाल ये है के अगर जल
के कारण आकाश नीला है तो मेघ काले या सफ़ेद
क्यों होते हैं नीले क्यूं नहीं ??

मेघों में तो बहुत
सारा जल होता है पर फिर भी वो नीले नहीं
दीखते !!

अल्बर्ट आइंस्टीन ने सिद्ध किया था के ये जो नीला रंग है वो जल के कारण नहीं
है बल्कि जब सूर्य की किरणे वायुमंडल पे गिरती हैं तो ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के कणों से टकराती है तीन रंगों में विभाजित हो जाती
हैं ...
ये नीला रंग भी उनमें से एक रंग है क्या आप देखते नहीँ की आकाश का रगँ कभी नीला कभी सफेद सा हो जाता है वो वायुमंडल पर गिरती किरणोँ के कारण है ।

क्या आर्य समाज स्वामी दयानंद जी की गलती
स्वीकार करता है नहीँ बल्कि अधोँ की तरह उनके पिछे चलता है ।

क्या आर्य समाज सत्य का
साथ देता है या फिर झूठ का ? आर्य समाज के सस्थाँपक 5th फेल स्वामी जी असत्य , अज्ञानता , मुर्खता , अहकारीँता , अविज्ञानता का  प्रकाश कर के गये है आर्यो मे जिसकी वजह से आज आर्यो की सखयाँ आटे मे नमक जितनी रह गयी ।

सत्य ही ईश्वर है ...

जो सत्य को नहीं मानते तो
उनकी ईश्वर की उपासना भी सची कैसे हो सकती है ?

स्वामी जी की अज्ञानता और धुर्तता तो देखीय आकाश का रगँ पानी के कारण नीला , जबकि छोटा बच्चा भी जानता है । 5th Class का भी कि पानी का कोइ रगँ ही नहीँ । 

ऐसे अज्ञानी और मुर्ख को महर्षी कहने वाले समाजीयोँ डुब मरो चुलु भर पानी मेँ । 

ये लो साइट ~

www.sciencemadesimple.com/sky_blue.html

No comments:

Post a Comment